Aadishwar Hai Pyaro Lyrics in Hindi – Jain Bhajan

आदिश्वर है प्यारो, मरूदेवानंद दुल्हारो, आयो वर्षीतप रो पारणो…. रंग गुलाल उडाओ रे, इक्षुरस वरसावो रे, मंगल गीत गाओ, तपसी ने वधाओ रे

आदिश्वर है प्यारा” एक अत्यंत मधुर जैन भजन है जो भगवान आदिनाथ की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन श्रावकों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति की भावना को जाग्रत करता है और उनके दिव्य गुणों की स्मृति कराता है। इसकी मधुरता और भावार्थ इसे हर उम्र के भक्तों के लिए प्रिय बनाते हैं।

Aadishwar Hai Pyaro Lyrics in Hindi

आदिश्वर है प्यारो, मरूदेवानंद दुल्हारो,

आयो वर्षीतप रो पारणो….

रंग गुलाल उडाओ रे, इक्षुरस वरसावो रे,

मंगल गीत गाओ, तपसी ने वधाओ रे….(१)

आदिनाथ जिनवर मुरत, सबसे प्यारी लागे,

म्हने तप की ये फुलवारी, न्यारी-न्यारी लागे…(२)

तेराह मासरि कठीण साधना,

तपसी मन से करता, आते-जाते 

रोम-रोम से, आदिश्वर है जपता,

जिनशासन की ये तपस्या, सबसे महान है, 

तपस्वी हमारे, जिनशासन की शान है…(३)

अयोगिता गुरुणीसा, प्रेरणा बनके आये है, 

विमल ललित प्रशम कंचन, मन ही मन

हर्षाये है, बाफना परिवार मन से, करता

गुणगान है, तपस्वी हमारे, जिनशासन की शान है…(४)

Author: Jain Sattva
Jain Sattva writes about Jain culture. Explore teachings, rituals, and philosophy for a deeper understanding of this ancient faith.

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