Aadinath Jee Albela Aave Lyrics in Hindi – Jain Bhajan

Aadinath Jee Albela Aave Lyrics in Hindi – Jain Bhajan

“आदिनाथ जी अलबेला आवे” एक सुंदर और भावपूर्ण जैन भजन है जो भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के दिव्य आगमन की झांकी प्रस्तुत करता है। इस भजन में प्रभु के रथ, उनका वैभव और भक्तों के हर्षोल्लास का अत्यंत मधुर वर्णन है जो मन को भक्ति से भर देता है।

Table of Contents

Aadinath Jee Albela Aave Bhajan Lyrics (Hindi)

आदिनाथजी अलबेला आवे, 

चारसो दिनना उपवासी थावे, 

पावन थया श्रेयांस नृपना बारणा, 

आया रे आया वर्षीतपना पारणा… 

आया रे आया, आया रे आया, आया रे….(१)

 

ईक्षुरसथी करे तेर मासी पारणा, 

अक्षय तृतिया करे छे ओवारणा, ओवारणा…(२)

 

प्रथम प्रभुना, प्रथम तपना,

 प्रथम दानथी, प्रथम पारणा, 

पंच दिव्यनी थाये त्यां प्रक्षालना, 

अहो दानम् नी देवो करे घोषणा, 

आया रे आया, आया रे आया, 

आया रे… ईक्षुरसथी करे तेर मासी पारणा,

 अक्षय तृतिया करे छे ओवारणा, ओवारणा…(३)

 

कोमल कांति, तपमां छलके रे,

आत्मकमळमां, निरता झळके रे,

 कर्म विजयी, करवाना हरखमां, 

तपस्वी प्यारा, भक्तिथी मलके रे, 

रसत्यागना अवसर छे सोहामणा, 

जेथी “अंकित” थया, तपना पारणा, 

आया रे आया, आया रे आया, आया रे….

ईक्षुरसथी करे तेर मासी पारणा, 

अक्षय तृतिया करे छे ओवारणा, ओवारणा…(४)

Author: Jain Sattva
Jain Sattva writes about Jain culture. Explore teachings, rituals, and philosophy for a deeper understanding of this ancient faith.

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