Mahavir Swami Halardu Lyrics – A Devotional Tribute

Mahavir Swami Halardu Lyrics

Mahavir Swami Halardu Lyrics and Meaning

The lyrics of “Mahavir Swami Halardu” celebrate the birth of Lord Mahavir, the 24th Tirthankara in Jainism. This song is traditionally sung during the Paryushana festival and vividly depicts the divine events surrounding his birth, highlighting the spiritual joy and reverence associated with this occasion.

Full Lyrics:

आ वखते पर्युषण महापर्वमा महावीर जन्म वांचनना
दिवसे जेओ प्रतिक्रमणमाँ हालरडु बोलवाना होय
तेओ माटे खास
आजथी ज तैयारी करवा लागो

चरम तिर्थाधिपती श्रमण भगवान महावीरनु हालरडु।

माता त्रिशला ज़ुलावे पुत्र पारणे….
गावे हालो हालो हालरवाना गीत,
सोना-रुपाने वळी रतने जडियु पारणु…
रेशम दोरी घुघरी वागे छुम छुम रित…
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..1

जिनजी पार्श्व प्रभुथी वरश अढीसे अंतरे,
होंसे चोविसमो तीर्थंकर जिन परिमाण,
केशी स्वामी मुखथी एवी वाणी सांभळी,
साची साची हुई ते म्हारे अमृत वाण…..
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..2

चौदे स्वप्ने होवे चक्रि के जिनराज,
वित्या बारे चक्री नही हवे चक्रिराज,
जिनजी पार्श्व प्रभुना श्री केशी गणधार,
तेहने वचने जाण्या चोविसमा जिनराज,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..3

म्हारी कुखे आव्या त्रण भुवन शिरताज,
म्हारी कुखे आव्या तारण तरण जहाज,
म्हारी कुखे आव्या संघ तीरथनी लाज,
हु तो पुण्य पनोती इंद्राणी थई आज,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..4

मुजने दोहलो उपन्यो बेसु गज अंबाडिये,
सिंहासन पर बेसु चामर छत्र धराय,
ते सहु लक्षण मुजने नंदन त्हारा तेजना,
ते दिन संभारुने आनंद अंग न माय,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..5

करतल पगतल लक्षण एक हजार ने आठ छे,
तेहथी निश्चय जाण्या जिनवर श्री जगदीश,
नंदन जमणी जांघे लांछन सिंह बिराजतो,
में तो पहेले स्वप्ने दिठो विसवावीस,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..6

नंदन नवला बांधव नंदिवर्धनना तमे,
नंदन भोजाईओना दियर छो सुकुमाल,
हससे भोजाईओ कही दियर म्हारा लाडका,
हससे रमशेने वळी चुंटी खणशे गाल,
हससे रमशेने वळी ठुंसा देशे गाल,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..7

नंदन नवला चेडा राजाना भाणेज छो,
नंदन नवला पांचसे मामीना भाणेज छो,
नंदन मामलियाना भाणेजा सुकुमाल,
हससे हाथे उच्छाळी कही नाना भाणेजडा,
आंख्यु आंजीने वळी टपकु करशे गाल,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..8

नंदन मामा मामी लावशे टोपी अंगला,
रतने जडिया जालर मोती कसबी कोर,
निला पिलाने वळी राता सर्वे जाती ना,
पहेरावशे मामी म्हारा नंद किशोर,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..9

नंदन मामा मामी सुखलडी बहु लावशे,
नंदन गजुवे भरशे लाडु मोती चूर,
नंदन मुखड़ा जोईने लेशे मामी भामणा,
नंदन मामी कहेशे जीवो सुख भरपूर,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..10

नंदन नवला चेडा राजानी साते सती,
म्हारी भत्रीजी ने बहेन तमारी नंद,
ते पण गजुवे भरवा लाखण श्याही लावशे,
तुमने जोई जोई होशे अधिको परमानंद,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..11

रमवा काजे लावशे लाख टकानो घुघरो,
वळी सुडा मेना पोपटने गजराज,
सारस कोयल हंस तितरने वळी मोरजी,
मामी लावशे रमवा नंद तमारे काज,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..12

छप्पन कुमरी अमरी जळ कळशे न्हवराविया,
नंदन तमने अमने केली घरनी मांही,
फुलनी वृष्टि किधी योजन एकने मांडले,
बहु चिरंजीवो आशीष दिधी तुमने त्यांही,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..13

तमने मेरूगिरी पर सुरपति ऐ न्हवरावीया,
निरखी निरखी हरखी सुकृत लाभ कमाय,
मुखड़ा ऊपर वारु कोटि कोटि चंद्रमा,
वळी तन पर वारु ग्रहगणनो समुदाय,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..14

नंदन नवला भणवा निशाळे पण मुकशु,
गज पर अंबाड़ी बेसाड़ी म्होटे साज,
पसली भरशु श्रीफळ फोफळ नागर वेलशु,
सुखलडी लेशु निशाळीयाने काज,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..15

नंदन नवला म्होटा थाशोने परणावशु,
वर-वहु सरखी जोड़ी लावशु राजकुमार
सरखे सरखा वेवाई वेवणने पधरावशु,
वर-वहु पोंखी लेशु जोई जोईने देदार,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..16

पियर सासर म्हारा बेऊ पख नंदन उजळा,
म्हारी कुखे आव्या तात पनोता नंद,
म्हारे आंगण वुठ्या अमृत दुधे महुला,
म्हारे आंगण फळीया सुर तरु सुखना कंद,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..17

ऐणी परे गायु माता त्रिशला सूतनु हालरू,
जे कोई गाशे लेशे पुत्र तणा साम्राजय,
बिलिमोरा नगरे वर्णव्यू श्री वीरनु हालरु,
जय जय मंगल होजो दीप विजय कविराज,
हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे…..18

गावो अने सीखो अने शिखवाडो
जय जय त्रिशला नंदन

Exploring the Meaning:

This song is a heartfelt celebration of the birth of Lord Mahavir, sung by devotees during the auspicious Paryushana festival. The lyrics paint vivid pictures of the divine occurrences around his birth, the joy experienced by his mother Trishala, and the auspicious signs and dreams foretelling his arrival. Each verse reflects the reverence and spiritual significance of Mahavir Swami’s birth, celebrating the wisdom and enlightenment he brought to the world.

Conclusion:

“Mahavir Swami Halardu” is a profound devotional song that honors the birth and virtues of Lord Mahavir. It is an essential part of Jain religious tradition, bringing devotees closer to the spiritual teachings and divine presence of Mahavir Swami. This song captures the essence of faith, devotion, and the deep spiritual connection felt by his followers.

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Author: Admin
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