“वैरागी बनवा हूं तो” एक गहन आत्मचिंतन वाला जैन भजन है जो आत्मा की शुद्धि, वैराग्य और मोहमाया से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। यह भजन हमें जीवन की असारता का बोध कराता है और संयम, साधना तथा आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करता है।
“वैरागी बनवा हूं तो” एक गहन आत्मचिंतन वाला जैन भजन है जो आत्मा की शुद्धि, वैराग्य और मोहमाया से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। यह भजन हमें जीवन की असारता का बोध कराता है और संयम, साधना तथा आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करता है।
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